Monday, November 16, 2009

वो क्यों फोड़ते हैं बम? पाखी नहीं जानती

वो क्यों फोड़ते हैं बम? पाखी नहीं जानती
एक छोटी बच्ची ने
पूछाअपनी माँ से
ये आतंकवाद क्या है?
वो क्यों फोड़ते हैं बम?
क्यों मारते हैं?
मेरी सहेली और उसके पापा को
बेटी को समझा न सकी -
उसकी माँ कुछ भीक्योंकि
उस बालमन की दुनिया में
नही है नफरत, ईर्ष्या और द्वेष कोई
और न ही है कोई शब्दउसके
शब्दकोष मेंआतंकवाद जैसा कोई ..............................................

(यह भाव मन मेंउस समय आए जब दिल्ली में बम ब्लास्ट हो रहे थे और पाखी कुछ ऐसी ही मन: स्थिति से गुजर रही थी )

6 comments:

MANOJ KUMAR said...

जीवन के कुछ सीधे-सादे सवालों से जूझने का मोह स्पष्ट दीखता है। इन सवालों के प्रति जागरूकता भा

रश्मि प्रभा... said...

बच्चों के कोमल मन को क्या समझाएं - यह नफरत क्या है ! हम खुद अवाक हैं,तो बच्चों के प्रश्नों का क्या जवाब दें !

सुलभ सतरंगी said...

सीधी बात एक सार्थक रचना.

raj said...

pakhi nahi janti......tere masoom waalo se preshaan hun.....

abhi 4 aapka @ aksar said...

bahut khub!!! adbhut rachna!!!!!!!!

neelam said...

bahut bahut dhanyavaad aapsabhi ko ......